क्या करे जब कंपनी बिना गलती के आपको निकालना चाहे ? - News TV India
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क्या करे जब कंपनी बिना गलती के आपको निकालना चाहे ?

तत्कालीन समय में हर कंपनी अपने कर्मचारी को  निकाल रही है। यहाँ तक की उन्हें कोई हर्जाना भी नहीं दिया जा रहा है। जबकि इसके लिए भारत के सभी राज्यों में कर्मचारी अधिनियम है। परन्तु कंपनी द्वारा इसका भी पालन नहीं जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारन कर्मचारियों को अपने अधीकारो के बारे  में जानकारी न होना भी है। हम ले कर आए है वो सभी जानकारी जो हर कर्मचारी को पता होना जरुरी है।
जब आप किसी कम्पनी में कार्य शुरू करते है तो आपको एक Appointment letter (Offer letter) देता है।  उसमे आपकी न्युक्ति से लेकर आपके कम्पनी  के सभी दिशा निर्देश दिए होते है। जैसे की आपके काम करने की अवधि आदि।  परन्तु उसके बाद भी कुछ आपके संवैधानिक अधिकार होते है जिसका जिक्र न्युक्ति पत्र नहीं किया जाता है। इसलिए जब कम्पनी आपके अधिकारों का हनन करती है तो आप इसे  लेबर कोर्ट में चुनौती भी दे सकते है।

 क्या करे जब आप से कम्पनी निश्चित अवधि से ज्यादा काम करवाए ?

 भारत के सभी राज्यों में नौकरी की अवधि सिर्फ 8 घंटे तय किये गए है अगर इससे कोय कंपनी आप से इससे ज्यादा काम करवाती है तो इसके लिए आपको ओवर टाइम दिया जाता है। हलाकि अभी कुछ राज्यों में मौजूदा हालत को देखते हुए अर्धवयवस्था को पटरी पर लेन के लिए काम करने के घंटो को 8 की जगह 12 कर दिया गया है परन्तु इस िस्थति में भी कर्मचारी को ओवर टाइम दिया जाता है।  परन्तु यदि कोय कंपनी आपको बिना ओवर टाइम के निश्चित अवधि से ज्यादा कार्य करवाती है तो आप इसकी शिकायत कर सकते है। कर्मचारियों के लिए रोज़गार के घंटे संबंधी विनियमन शिकायत करने के लिए आप 18001800999 Toll free No. पर बिना अपना पहचान बताए भी कर सकते है। संबधित विभाग इसके लिए कम्पनी पर चालान भी कर सकता है।

कम्पनी द्वारा वेतन देने से मन करने मना करने पर क्या करे ?

आज कल कोरोना महामारी की वजह से काफी उद्द्योग ठप पर चुके है ऐसे में वह कार्य कर रहे  कर्मचारियों का वेतन फस गया है। ऐसे ही उद्द्योगो द्वारा की गइ याचिका की सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायलय ने उद्योगों को रहत देते हुए यह जारी किया था की यदि कोई कंपनी यही लोक डाउन के समय 54 दिनों तक बंद रही हो। तो ऐसे में यदि वह अपने कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ है तो उस कोइ दंडात्मक कार्यवाही न की जाए। ऐसे में कम्पनी अपने कर्मचारियों के कम से कम 30% वेतन देकर  स्वयं के द्वारा सुलह कर सकती है। किसी भी मतभेद में श्रम विभाग हस्तक्षेप कर सकती है। इसके लिए कम्पनी को अपना Balance sheet प्रस्तुत करना होगा।
परन्तु  कोय कम्पनी आपसे काम करवा कर आपको वेतन देने से इंकार नहीं कर सकती है ऐसे मामलो की शिकायत तुरंत नजदीकी थाने में दें।  अगर वहा आपकी शिकायत पर कार्यवाही नहीं होती या शिकायात लिखने से मना किया जाता है तो आप इसकी सुचना SP या DSP से करें।  परन्तु फिर भी अगर कोइ कार्यवाही नहीं की जाती तो ऐसे में श्रम न्यायलय में औद्योगिक विवाद अधिनियम – 1947 के अंतर्गत आप online शिकायत भी कर सकते है। भारत के अधिकतर राज्यों में यह सुविधा दी गइ है। यहाँ पर क्लिक करके भी आप सीधे ऑनलाइन शिकयत कर सकते है।  आप को ये भी बता दें की यहाँ भी आप अपनी पहचान गुप्त रखकर भी शिकयत दर्ज करवा सकते है। परन्तु शिकायत करने से पहले ध्यान में रखे की आप जिस चीज़ की शिकायत कर रहे है उसके लिए आपके पास पुरे दस्तावेज मौजूद हो और आपके पास सारे सबुत उपलब्ध होने चाहिए। कियोकि गलत मुकदमा दर्ज करने से आप पर भी कार्यवाही हो सकती है।

कोइ कम्पनी आपको निकालने की धमकी दे या निकाल दे तो क्या करे। 

मौजूदा हालत में अधिकतर कपंनिया अपने कर्मचारियों को बिना किसी कारन के निकाल रही है। ऐसे में आप कभी भी लिखित में कम्पनी से परशान हो कर इस्तीफा न दें। कम्पनी के दबाब में आकर कई बार हम यह गलती कर बैठते है परन्तु इसके बाद आपकी नौकरी ख़त्म हो जाती है। और इस महामारी के समय दूसरी नौकरी मिलना तो दूर सोचना भी मुश्किल हो गया है। कम्पनी कइ बार आपको निष्कासित करने की धमकी भी देती है की इसके बाद आपको कोई दूसरी नौकरी भी नहीं मिलेगी।  परन्तु यह सत्य नहीं है, क्योकि अगर कम्पनी आपको निष्कासित करती है तो उसको श्रम मंत्रालय द्वारा तय नियमो को पूरा करना होगा जिसमे कर्मचारियों को निष्कासित करने के बदले 3 महीने का वेतन  जाता है।  यह  नियम सभी राज्यों के लिए अलग अलग हो सकते है। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे  इसलिए कम्पनी अपने कर्मचारियों को किकालने के लिए हमेशा कर्मचारी पर दबाव बनती है की वह स्वयं अपना इस्तीफा दे ताकि इसके बाद आप उन पर कोइ  कार्यवाही न कर सके। इसलिए भूल कर भी यह गलती न करें।  जब भी आपकी कम्पनी आपको निकलने की धमकी दे तो उन्हें निष्कासन पत्र (Termination letter) की मांग करे।  फिर हो सकता है की वह आपको निष्कासन पत्र न दे या उसके बाद भी अगर कम्पनी आपको निष्कासन पत्र दे देती है तो उस पर देखें की निकलने का उचित कारन मौजूद हो कियोकि आप उसको चुनौती तभी दे पाएंगे जब उस पर सही कारन मौजूद होगा।  और हमेशा ध्यान रखें कभी भी भूल कर भी निष्कासन पत्र पर हस्ताक्षर न करें। ऐसी परिस्थिति में अधिकतर मामलों में पुलिस सीधे तौर पर आपकी सहायता नहीं करती।  तो इसके लिए आपको नज़दीकी श्रम न्यायलय (Labour Court) में लिखित शिकायत करे। इसके लिए आपको सिर्फ 1 रु के पेपर की आवश्यकता होगी।


हम करेंगे आपकी मदद 

इस महामारी की वजह से अधिकतर लोग अभी बेरोज़गार हो चुके है परन्तु जो अभी बचे हुए है हम उनसे अनुरोध करते हैं की अपनी कम्पनी का पूरा सहयोग करे। क्योकि आपकी नौकरी तभी तक सुरछित है जब तक आप की कंपनी का उद्योग सही होगा।  इसलिए अपनी पूरी तत्परता से अपना कार्य करे।  परन्तु फिर भी अगर  लगता है की आपके  अधिकारों का हनन हो रहा है या आपको बिना किसी वजह के निकला जा रहा है या आपकी सुनवाई नहीं हो रही है तो आप हमसे सम्पर्क कर सकते है आप हमें हमसे किसी तरह की सहायता के लिए कमेंट बॉक्स में लिखे या आप हमें yournewstvindia@gmail.com ईमेल भी कर सकते है।  हमारी टीम आपकी सहयता का हर संभव प्रयास करेगी। फेसबुक पर हमारे ग्रुप से जुड़े

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