वुमन डे पर नोएडा सेक्टटर 168 पारस सीजन में भव्य मेले का आयोजन
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दुनियाँ में कॉविड से भी भयंकर बीमारी का प्रकोप
मौजूदा हालात में पूरी दुनिया कॉविड के प्रकोप से ग्रसित है। यह महामारी लगभग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चूका है। इस बीमारी के वजह से हर देश पर आर्थिक संकट से घिर चूका है और अब कही जा कर हालत थोड़े सामान्य होते हुए नज़र आ रहे थे परन्तु इसी बीमारी की वजह से दुनियाँ के सामने अभी बेरोजगारी की भयंकर बीमारी खरी हो गई है। बेरोजगारी से हर देश अभी जूझ रहा है। सभी उद्द्योग धंदे महामारी की वजह से ठप पर चुके है जिसके कारन बेरोजगारी दर में लगातार बढ़ोतरी हुए है। अगर यूँ कहें इस बीमारी से भी भयंकर बीमारी करि हो चुकी है। जिस पे अगर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका दुनिया को भरी कीमत चुकाना पड़ सकता है।
दुनियाँ पहले से कोविड के प्रकोप से गुजर रहा था। परन्तु इस महामारी से भयंकर महामारी बढती बेरोजगारी है जिससे भारत ही नाही पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है। ताज़ा सर्वे के मुताबिक सिर्फ भारत में बेरोज़गारी दर 27.11% के उच्तम दर पर पहुंच गइ है।
बेरोजगारी बढ़ने की मुख्य वजह
बेरोजगारी बढ़ने कि मुख्य वजह कोविड संक्रमण था जिसकी वजह से भारत में 54 दिनों तक लगभग सभी उद्योग धंदे बंद रहे। और जब लोक डॉन खुला तो सभी उद्योग ठप पड़ चुके थे बैंकों के लोन से दब चुका था। ऐसे में कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी। जहां 10 कर्मचारियों की जरूरत थी। वहां केवल दो से काम चलाना शुरु कर दिया। बड़ी-बड़ी कंपनियों को देखकर छोटे व्यापारियों ने भी अपने कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया। कुछ कंपनियों ने कानूनी तरीके से कर्मचारियों को निकाला तो कुछ कंपनियों ने कानूनी प्रक्रिया को भी अनदेखा कर दिया। परिणाम स्वरूप देश में बेरोजगारी काम पर लग गया। अगर छंटनी की बजाए व्यापारियों और कर्मचारियों मैं अगर आपसी तालमेल हो जाता तो शायद इसकी जरूरत ही ना पड़ती। जैसे कि जब तक कंपनी आर्थिक तंगी में थी तो उन्हें कंपनी की स्थिति को समझ कर अपने वेतन में खुद ब खुद कटौती करवाना चाहिए था या तो कार्य करने का समय बड़ा लेना था। जिससे कि कंपनी की उत्पादन बढ़ जाती और लॉकडाउन मैं हुए घाटे से उबर पाती। और कर्मचारियों की भी नौकरी सुरक्षित रहती। मौजूदा समय में सभी श्रम न्यायालयों में ऐसे अनगिनत केस है जिनमें कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को गैर कानूनी ढंग से छटनी किया है। परंतु ज्यादा संख्या होने की वजह से और न्यायालय सुचारू रूप से ना चल पाने की वजह से ऐसे मुकदमे अटके पड़े हैं।
किन उद्योगों पर पड़ा है सबसे ज्यादा असर
वैसे तो कोविड-19 की वजह से आर्थिक मंदी का असर सभी उद्योगों पर पड़ा है जैसे कि एयरलाइंस, होटल, रेस्तरां, सिनेमा, फिल्म मॉल, आयात निर्यात कंपनी, ट्रांसपोर्ट आदि। परंतु इसका सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों को हुआ है जो 10 से 15 कर्मचारियों के साथ अपना एवं कर्मचारियों का जीवन यापन कर रही थी। अभी भी ऐसे कई क्षेत्र हैं जो महामारी की वजह से बंद पड़े हैं। जिसका खामियाजा वहां पर कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है और अपनी नौकरी तक जवानी पड़ रही है। सरकार को चाहिए कि जहां तक हो सके इन उद्योगों को वापस शुरू किया जाए। और इन्हें पुनर्जीवित करने में सहयोग करना चाहिए ताकि वहां फिर से कर्मचारियों की वापसी हो और हालात धीरे धीरे सामान्य हो जाए।
कैसे निपटें हालात से
हालांकि सरकार द्वारा महामारी की वजह से छोटे और बड़े उद्योगपतियों के लिए कई राहत पैकेज की घोषणाएं हुई है कई स्क्रीम की शुरुआत हुई है। परंतु इसका सकारात्मक असर नहीं दिख रहा है। यही वजह है की बेरोजगारी का ग्राफ दिन-ब-दिन ऊपर चढ रहा है। इस समय सरकार स्वयं का कार्य शुरू करने पर बल दे रहे हैं। परंतु हर व्यक्ति तो स्वयं का व्यापार नहीं कर सकता तो इसलिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। और जो कंपनियां अपने कर्मचारियों को निकाल रही है उन पर श्रम मंत्रालय को सख्त होने की भी आवश्यकता है। अन्यथा बेरोजगारी की वजह से कई दूसरे समस्याएं धीरे धीरे उत्पन्न होने लगेगी। क्योंकि अगर देश के युवा के पास रोजगार नहीं होगा तो, या तो वह जूर्मकी राह पकड़ लेगा या फिर आत्महत्या कर लेगा। इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता सकता है।
क्या करना चाहिए युवाओं को
इस गंभीर समस्या में अपने आप को कमजोर ना होने दें और स्थिति का डटकर सामना करें। स्थिति से घबराकर किसी तरह का गलत फैसला आपकी पूरी जिंदगी तबाह कर सकता है। इस समस्या को समस्या नहीं चुनौती समझ कर स्वीकार करें। अगर यूं कहें तो यह एक अवसर भी हो सकता है अपने व्यवसाय को बदलने का। आप नौकरी अगर ढूंढ रहे हैं तो अच्छी बात है परंतु हो सके तो यह सबसे सही अवसर है जब आप अपना व्यवसाय बदल सकते हैं जो आपने पहले सोचा हुआ हो।
हम हैं आपके साथ
मौजूदा परिस्थिति को हम बदल तो नहीं सकते परंतु हमने आगाज किया है युवाओं को जहां तक हो सके रोजगार दिलवाने का। क्योंकि ऐसी महामारी में भी ऐसी बहुत सी कंसलटेंसी है जो युवाओं को रोजगार देने के नाम पर ठगी कर रही है। कभी भी नौकरी के लिए किसी को भी ऐसे ना दें क्योंकि अधिकतर मामलों में इस तरह से ठगी की जा रही है। हमारी वेबसाइट पर विभिन्न स्रोतों द्वारा नौकरियां उपलब्ध कराई जा रही है और यदि इनमें से आपके मुताबिक कोई नौकरी नहीं मिलती है तो आप हमें ईमेल कर अपना रिज्यूमे हमें भेजें। हमारा E-Mail ID है yournewstvindia@gmail.com हमें जैसे ही आप के अनुरूप कोई नौकरी मिलती है तो हम आपको सूचित करेंगे। यह सेवा बिल्कुल निशुल्क है और इसके लिए किसी तरह का कोई फीस नहीं लिया जाता।
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खुशखबरी ! अब पाए अपना मनपसंद जॉब , दिल्ली सरकार के 'रोजगार बाजार' पोर्टल पर तुरंत अप्लाई करें
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देश में कोविड महामारी से भी भयंकर स्थिति मौजूदा हालत में रोजगार की खरी हो गई है। जहाँ बड़े-बड़े उद्योग व्यवसाय अभी ठप पड़े हुए है परिणामस्वरूप देश के युवा बेरोज़गार हो गए है। इस स्थिति से सामना करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा 'रोजगार बाजार' का आगाज 03 अगस्त 2020 को किया गया है। जहाँ नौकरी देने वाले से लेकर नौकरी ढूंढने वाले दोनों सुविधाए मुहैया है। ऐसे संकटकालीन स्थिति में दिल्ली सरकार द्वारा उठाया गया कदम देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। ऐसे वयवस्था देश के हर राज्य में होनी चाहिए ताकि बेरोजगारी के दर पर लगाम लगाया जा सके। - मुझे नौकरी चाहिए
- मुझे स्टाफ चाहिए
लगातार लगातार बिजली कटौती से फरीदाबाद की जनता परेशान
आज के समय में देश के कई राज्यों में 24 घंटे बिजली की सुविधा उपलब्ध है वहीं हरियाणा के फरीदाबाद में दिन में 4 से 5 घंटे से भी अधिक प्रतिदिन बिजली कटौती की जा रही है और कई बार पूरी पूरी रात बिजली से आमना-सामना नहीं हो पाता है।
सारी मनोकामनाएं होंगी पूरी उच्चैठ दुर्गास्थान में
उच्चैठ दुर्गास्थान बिहार के मधुबनी जिले में बेनीपट्टी के पास है। वैसे तो यहां हमेशा भक्तों का तांता लगा रहता है परंतु नवरात्रि के समय यहां काफी ज्यादा भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है जो कि देखते ही बनती है। मंदिर के नजदीक विश्व प्रसिद्ध विद्वान कालिदास पीठ स्थित है। जहां पर कालिदास विश्वविद्यालय का निर्माण किया गया है। इस स्थान पर अष्टावक्र जैसे कई अन्य ऋषि मुनियों का भी आगमन हुआ है।
इसके बाद कालिदास काशी से भटकते हुए उच्चैठ आ गए। जीवन यापन के लिए और पेट भरने के लिए उन्होंने दुर्गा स्थान के नजदीक एक विश्वविद्यालय में रसोइए की नौकरी पकड़ ली। काफी समय बीत आ गया और कालिदास वही विश्वविद्यालय में रसोई का काम करते रहे। उस समय भयंकर बाढ़ आया। अभी भी या जगह बाढ़ पीड़ित है यहां ग्रामीणों को हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ता है। उस समय जब भयंकर बाढ़ आया तो। लगभग वहां का सारा इलाका जलामय हो चुका था। सभी छात्र और शिक्षक वही विश्वविद्यालय में सुरक्षित थे। क्योंकि वह एकमात्र स्थान यह सुरक्षित रह गया था या दूसरा छिन्मस्तिका का मंदिर। बाढ़ का कारण विश्वविद्यालय और मंदिर के बीच थुमानी धार थी जोकि उफान पर था। किसी तरह दिन बीता जब शाम हुई तो शिक्षकों और छात्रों में बहस शुरू हुई। ऐसे समय में मंदिर में माता की संध्या आरती कौन करने जाएगा। बहस काफी समय तक चला परंतु निर्णायक साबित नहीं हो पाया। कोई भी छात्र या शिक्षक अपने जीवन को संकट में नहीं डालना चाहता था। अंत में सबक नजर कालिदास पर पड़ी। उन्होंने सोचा क्यों ना इसी मूर्ख को माता की मंदिर में संध्या आरती के लिए भेजें। अगर किसी दुर्घटना से इसे कुछ हो भी जाएगा तो संसार से एक मूर्ख कम हो जाएगा। ऐसा विचार विमर्श करके कालिदास को बुलाया गया और उन्हें वहां जाने के लिए कहा गया। उस समय कालिदास जो कि बिल्कुल अज्ञान थे उन्होंने तुरंत हामी भर दी। सब ने पूछा तुम जाओगे तो हमें कैसे पता चलेगा कि तुमने माता की संध्या आरती कर दी है। तो कालिदास ने कहा मैं अपने हाथों में यह कालिख (राख) लगा लेता हूं और वही कहीं पर निशान लगा दूंगा इस प्रमाण के लिए कि मैं वहां गया था। ऐसा कह कर कालिदास ने अपने हाथों में चूल्हे से निकालकर कालिख अपने हाथों में लगा लिया। और पानी में तैरते हुए किसी तरह मंदिर पहुंच गए। क्योंकि उन्हें ज्ञान नहीं था की संध्या आरती कैसे होती है परंतु उन्हें जैसा आया उन्होंने कर दिया। अंत में उन्हें ध्यान आया कि यह का लेख मैं कहां लगाऊं कि लोगों को पता चले कि मैं यहां आया था। इधर-उधर देखने के बाद उन्होंने सोचा अगर मैं मंदिर के बाहर कहीं यह निशान लगा था वह तो पानी से धुल जाएगा। और लोग फिर मेरी बात का विश्वास नहीं करेंगे।
आखिरकार कालिदास ने निर्णय किया की क्यों ना इस कालिक को मूर्ति पर ही लगा दी जाए। क्योंकि उस समय वहां पानी का पहुंचना दुर्लभ था। ऐसा सोच कर कालिदास ने अपने हाथों पर लगी कालीख को छिन्मस्तिका माता के मुंह पर लगाने के लिए जैसे ही हाथ बढ़ाए। माता तुरंत प्रकट हुई और उन्होंने कालिदास का हाथ पकड़ लिया और कहां "मैं तेरी भक्ति से प्रसन्न हुई मांग क्या वर मांगना चाहता है" कालिदास ने तुरंत मां के पैर पकड़ लिए और कहा आपको तो सब पता है मेरी यह दुर्दशा मेरी मूर्खता के कारण ही है। उस समय माता ने कालिदास से कहा आज रात तुम जितनी किताबों के पन्ने पलट दोगे तुम्हें इतना ज्ञान मिल जाएगा ऐसा कह कर मां अंतर्ध्यान हो गई। कालिदास वापस किसी तरह विश्व विद्यालय पहुंचा। उसे देख कर वहां मौजूद सबको अचरज हुआ। रात के वक्त कालिदास विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में जाकर बैठ गए। सारी रात वहां मौजूद सभी पुस्तकों के पन्ने पलट डालें। सुबह हुई विश्वविद्यालय का समय शुरू हुआ सभी छात्र अपने कक्ष में अध्ययन करने लगे। उस दिन कालिदास जिस कक्षा से निकलते वहां छात्रों के त्रुटियों पर हंसने लगते। यह देख सब ने सोचा, लगता है कल की घटना के बाद कालिदास पागल हो गया है। शाम को विश्वविद्यालय के प्रधानाध्यपक ने कालिदास को बुलाया और उनसे इसका कारण पूछा। कालिदास ने एक-एक करके सभी छात्रों के नाम लिए उनके त्रुटियों को बताया। यह सुनकर प्रधानाध्यापक को बड़ा आश्चर्य हुआ उन्होंने एक एक कर कई प्रश्न किए परंतु कालिदास ने सभी प्रश्नों के सही उत्तर दिए। अंत में कालिदास ने एक प्रश्न प्रधानाध्यपक से भी पूछ लिया जिसका जवाब उनके पास नहीं था। उन्होंने कालिदास के पैर पकड़ लिया। क्योंकि उनको ज्ञात हो गया था की यह कोई आम इंसान नहीं है यह कोई महान विद्वान है। इस उपरांत वहां उन्होंने अपने कई पुस्तकों का सफल संपादन किया। और एक समय आया जब विश्व में उनकी ख्याति बन गई। आज कुछ विश्वविद्यालय का नाम कालिदास विश्वविद्यालय है।
यह ऐतिहासिक स्थल अब तक है गुमनाम
यह के प्राचीन मंदिर बिहार प्रशासन के द्वारा अब तक गुमनाम है यहां तक की बिहार पर्यटन विभाग द्वारा भी इस जगह के लिए किसी तरह का कोई कार्य नहीं हुआ है। हालांकि कालिदास पीठ पर निर्माण कार्य पिछले कुछ सालों से चल कर रहा है। परंतु हालत ज्यों की त्यों हैं।
5 अगस्त को होगा भगवान श्रीराम के मंदिर का भूमिपूजन
घर घर दीप जलाएंगे रामलला के शिलान्यास की खुशी में।
देश कर रहा था लंबे समय से इस पल का इंतजार
सदकों से चली आ रही विवाद आखिरकार खत्म हुआ। देश काफी लंबे समय से जिसके इंतजार में था वह रामलला के शिलान्यास के बाद 5 अगस्त को पूरा हो जाएगा। इसके लिए पूरे अयोध्या में जमकर तैयारियां की जा रही है। लोगो की उत्सुकता को देखते हुए हो सकता है इस जशन को दिवाली की तरह मनाया जाये।
क्यों खास है मंदिर का शिलान्यास
श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण की शुरुआत 5 अगस्त को होगी। इसको लेकर देश में उत्साह का माहौल बना हुआ है। अयोध्या मंदिर का शिलान्यास इसलिए भी खास है क्योंकि मुख्य अतिथि के लिए प्राधान मंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रित किया गया है एवं शिलान्यास उनके द्वारा ही किया जायेगा। साथ ही साथ उत्तर प्रदेश सरकार के साथ अन्य राज्यों से भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सिरकत कर सकते हैं।
क्या है सुरक्षा के इंतजाम
भगवान श्री रामलला के शिलान्यास के लिए अयोध्या में सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किये गए हैं। किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा कर्मी पूरी तरह आश्वश्त हैं। सुरक्षा दृस्टि की वजह से कार्यक्रम में 5 अगस्त को भक्तों को अनुमति नहीं होगी। एवं इस दिन अयोध्या में धारा 144 भी लागु किया जाएगा। मोके का जायजा स्वयं मुखयमंत्रि योगी आदित्यनाथ समेत गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा लिया जा रहा है।
अयोध्या में आखिरकार सर्वोच्च न्यायलय द्वारा राम मंदिर के पक्ष में फैसला आ गया है। इसके बाद भारतवासियों की नज़र टीकी थी निर्माणकार्य पर। और आखिरकार समय नज़दीक आ चूका है जिस दिन रामलला अपने सिंघासन पर फिर विराजमान होंगे।
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कम बजट में शरू होने वाले 10 बिज़नेस आडिया
अभी के मौजूदा हालत में अधिकतर उद्योग धंदे ठप हो चुके है जिस वजह से भारत में बेरोजगारी का आंकड़ा 27.11 तक पहुँच गइ है जो भारत का अब तक का सबसे सर्वोच्च है। ऐसे में बेरोजगार लोगों को नइ नौकरी ढूंढना काफी मुश्किल हो चुकी है। बेहतर यही है की इस समय नए रोजगार को तलाशा जाए। और नौकरी ढूंढ़ने के बजाए नौकरी देने वाले बने।इसलिए आज हम बताने वाले है 10 ऐसे बिज़नेस आडिया जिसे आप आसानी से काम बजट में भी शुरू कर सकते हैं।1)मसालों का काम :- मसालों का काम शुरू करके भी आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं और यह काम बहुत ही कम बजट में शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको दो से तीन लोगों की आवश्यकता होगी। शुरुआत में आप 1 से 2 किलो खड़े व पाउडर मसाले खरीदें। याद रखें आप जितना अधिक मात्रा में मसाले खरीदेंगे वह आपको उतना ही मुनाफा देंगे। इसके बाद इन्हें प्लास्टिक के छोटे छोटे पैकेट में 25 ग्राम
50 ग्राम के पैकेट बना लें। इन्हें a4 साइज के कार्डबोर्ड पर stapler की सहायता से चिपका दें। कार्डबोर्ड पर अगर आप अपने ब्रांड का नाम प्रिंट करवाएं तो काफी अच्छा है परंतु शुरुआत के लिए सादे पर भी किया जा सकता है। अब तैयार सामग्रियों को आसपास के दुकानों पर रखवा दें। दुकानदारों को कहें जब यह बिक जाए तब पैसा देना।
2 )ड्राईफ्रूट का कार्य:- इस महामारी के समय में अपनी इम्यूनिटी को बेहतर बनाने के लिए बाजार में ड्राई फ्रूट की मांग काफी बढ़ गई है। इसके अलावा भारत के सभी प्रमुख त्योहारों में भी ड्राई फ्रूट की अच्छी खासी डिमांड रहती है। ऐसे में ड्राई फ्रूट का बिजनेस काफी फायदे का सौदा है। इसके लिए भी आपको शुरुआत में 5-5 किलो सभी ड्राई फ्रूट्स जैसे कि काजू बादाम किसमिस खरीदें। उसे भी 250-500 ग्राम के पैकेट बनाकर आसपास के दुकानों से संपर्क करें। सभी दुकानों पर इनकी अच्छी खासी डिमांड रहती है। ड्राई फ्रूट को आप ऑनलाइन भी बेच सकते हैं। परंतु इसके लिए आपको FSSAI लाइसेंस की आवश्यकता होगी। जिसे थोड़ी सी मशक्कत से प्राप्त किया जा सकता है।
3) खाद्य सामग्री का कार्य:- सामग्री जैसे आटा चावल मैदा सूजी जैसे खाद्य पदार्थों को थोक में ले । उसे भी 500 ग्राम और 1 किलो के पैकिंग में नजदीकी दुकानदारों को दें। इस कार्य को भी ऑनलाइन किया जा सकता है परंतु इसके लिए भी FSSAI लाइसेंस की आवश्यकता होती है जिसके बाद इसे आप ऑनलाइन भी दे सकते हैं। और काफी कम समय में अच्छी कमाई कर सकते हैं।
4) ऑनलाइन ट्यूशन क्लासेस:- ऑनलाइन ट्यूशन क्लासेस आज की तारीख में काफी प्रचलन में है। इसके लिए आपको सोशल मीडिया वेबसाइट पर प्रचार करना होगा। इसके लिए फेसबुक एड या गूगल एड के जरिए आप प्रचार कर सकते हैं। यहां अपनी लागत के हिसाब से अपना बजट निर्धारित कर सकते हैं। जिसका आउटपुट भी अच्छा आता है। अगर आपके क्लासेस अच्छी गुणवत्ता वाली होती है तो काफी कम समय में अच्छी खासी कमाई की जा सकती है।
5) ई रिक्शा बिजनेस:- आज के समय में ऑटो रिक्शा से अधिक ई रिक्शा का प्रचलन काफी बढ़ गया है। फिलहाल कानून में इसके लिए किसी तरह का रजिस्ट्रेशन नहीं है। इसे आप 1 से डेढ़ लाख मैं खरीदा जा सकता है। इसका OYO मैं रजिस्ट्रेशन करवा कर भी पैसा कमाया जा सकता है। यह शुरुआत से ही अच्छी कमाई देने वाला बिजनेस साबित हो सकता है
6) फेस मास्क बनाने का कार्य:- इस महामारी में फेस मास्क जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। जिसे बनाने में लगभग लागत अधिकतम 5 से ₹6 आता है परंतु से आप कम से कम 40 से 50 रुपए में आसानी से बेच सकते हैं। इसे बनाने के लिए सूती कपड़ा और रबर की आवश्यकता होती है। जिसे आप देख कर आसानी से घर पर बना सकते हैं केवल आपको सिलाई मशीन की आ सकता होगी। इसे बेचने के लिए आपको नजदीकी दुकानों और दवाई की दुकानों पर बेच सकते हैं।
7) हैंड सेनीटाइजर का कार्य:- इस महामारी में फेस मास्क के अलावा हैंड सैनिटाइजर का भी मार्केट में खपत बढ़ गया है। इसके लिए केवल आपको 5 लीटर में उपलब्ध सैनिटाइजर आपको खरीदना है। आजकल सभी लोगों के पास पॉकेट में सैनिटाइजर की डिबिया होती हैं। जिसे आप भरने का काम शुरू कर सकते हैं।
8) वेबसाइट बनाना :- लोक डाउन के बाद वेबसाइट बनाने का कार्य सबसे अधिक जोरों पर है। कई ऑनलाइन संस्थान ऑनलाइन वेबसाइट बनाने का कार्य सिखा रहे हैं। एक डोमिन खरीद कर शुरुआत में ब्लॉगर पर होस्टिंग कर सकते हैं। गूगल ऐडसेंस के अलावा और भी कई विकल्प हैं जिसके द्वारा आप अपनी वेबसाइट से अच्छी कमाई कर सकते हैं।
9) यूट्यूब चैनल बनाकर :- आज के दौर में वीडियो सबसे अधिक प्रचलन में है। वीडियो कुछ ही समय में वायरल हो जाती है। ऐसे में यूट्यूब एक अच्छा विकल्प है यहां से आप अपनी कमाई शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ यूट्यूब पर अपना एक चैनल बनाना होता है जो कि बिल्कुल निशुल्क है और इस पर कमाई शुरू करने के लिए एक हजार सब्सक्राइबर और 4000 वॉच टाइम अनिवार्य होता है।
10) तंबाकू उत्पाद की दुकान :- सुनने में यह काफी छोटा लगता है और अटपटा लगता है परंतु अगर कमाई की बात करें तो तंबाकू उत्पाद काफी कम लागत में शुरू किया जा सकता है और कमाई काफी अच्छी खासी होती है। व्यापार शुरू करने के लिए यह भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।
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क्या करे जब कंपनी बिना गलती के आपको निकालना चाहे ?
तत्कालीन समय में हर कंपनी अपने कर्मचारी को निकाल रही है। यहाँ तक की उन्हें कोई हर्जाना भी नहीं दिया जा रहा है। जबकि इसके लिए भारत के सभी राज्यों में कर्मचारी अधिनियम है। परन्तु कंपनी द्वारा इसका भी पालन नहीं जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारन कर्मचारियों को अपने अधीकारो के बारे में जानकारी न होना भी है। हम ले कर आए है वो सभी जानकारी जो हर कर्मचारी को पता होना जरुरी है।
जब आप किसी कम्पनी में कार्य शुरू करते है तो आपको एक Appointment letter (Offer letter) देता है। उसमे आपकी न्युक्ति से लेकर आपके कम्पनी के सभी दिशा निर्देश दिए होते है। जैसे की आपके काम करने की अवधि आदि। परन्तु उसके बाद भी कुछ आपके संवैधानिक अधिकार होते है जिसका जिक्र न्युक्ति पत्र नहीं किया जाता है। इसलिए जब कम्पनी आपके अधिकारों का हनन करती है तो आप इसे लेबर कोर्ट में चुनौती भी दे सकते है।
क्या करे जब आप से कम्पनी निश्चित अवधि से ज्यादा काम करवाए ?
भारत के सभी राज्यों में नौकरी की अवधि सिर्फ 8 घंटे तय किये गए है अगर इससे कोय कंपनी आप से इससे ज्यादा काम करवाती है तो इसके लिए आपको ओवर टाइम दिया जाता है। हलाकि अभी कुछ राज्यों में मौजूदा हालत को देखते हुए अर्धवयवस्था को पटरी पर लेन के लिए काम करने के घंटो को 8 की जगह 12 कर दिया गया है परन्तु इस िस्थति में भी कर्मचारी को ओवर टाइम दिया जाता है। परन्तु यदि कोय कंपनी आपको बिना ओवर टाइम के निश्चित अवधि से ज्यादा कार्य करवाती है तो आप इसकी शिकायत कर सकते है। कर्मचारियों के लिए रोज़गार के घंटे संबंधी विनियमन शिकायत करने के लिए आप 18001800999 Toll free No. पर बिना अपना पहचान बताए भी कर सकते है। संबधित विभाग इसके लिए कम्पनी पर चालान भी कर सकता है।
कम्पनी द्वारा वेतन देने से मन करने मना करने पर क्या करे ?
आज कल कोरोना महामारी की वजह से काफी उद्द्योग ठप पर चुके है ऐसे में वह कार्य कर रहे कर्मचारियों का वेतन फस गया है। ऐसे ही उद्द्योगो द्वारा की गइ याचिका की सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायलय ने उद्योगों को रहत देते हुए यह जारी किया था की यदि कोई कंपनी यही लोक डाउन के समय 54 दिनों तक बंद रही हो। तो ऐसे में यदि वह अपने कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ है तो उस कोइ दंडात्मक कार्यवाही न की जाए। ऐसे में कम्पनी अपने कर्मचारियों के कम से कम 30% वेतन देकर स्वयं के द्वारा सुलह कर सकती है। किसी भी मतभेद में श्रम विभाग हस्तक्षेप कर सकती है। इसके लिए कम्पनी को अपना Balance sheet प्रस्तुत करना होगा।
परन्तु कोय कम्पनी आपसे काम करवा कर आपको वेतन देने से इंकार नहीं कर सकती है ऐसे मामलो की शिकायत तुरंत नजदीकी थाने में दें। अगर वहा आपकी शिकायत पर कार्यवाही नहीं होती या शिकायात लिखने से मना किया जाता है तो आप इसकी सुचना SP या DSP से करें। परन्तु फिर भी अगर कोइ कार्यवाही नहीं की जाती तो ऐसे में श्रम न्यायलय में औद्योगिक विवाद अधिनियम – 1947 के अंतर्गत आप online शिकायत भी कर सकते है। भारत के अधिकतर राज्यों में यह सुविधा दी गइ है। यहाँ पर क्लिक करके भी आप सीधे ऑनलाइन शिकयत कर सकते है। आप को ये भी बता दें की यहाँ भी आप अपनी पहचान गुप्त रखकर भी शिकयत दर्ज करवा सकते है। परन्तु शिकायत करने से पहले ध्यान में रखे की आप जिस चीज़ की शिकायत कर रहे है उसके लिए आपके पास पुरे दस्तावेज मौजूद हो और आपके पास सारे सबुत उपलब्ध होने चाहिए। कियोकि गलत मुकदमा दर्ज करने से आप पर भी कार्यवाही हो सकती है।
कोइ कम्पनी आपको निकालने की धमकी दे या निकाल दे तो क्या करे।
मौजूदा हालत में अधिकतर कपंनिया अपने कर्मचारियों को बिना किसी कारन के निकाल रही है। ऐसे में आप कभी भी लिखित में कम्पनी से परशान हो कर इस्तीफा न दें। कम्पनी के दबाब में आकर कई बार हम यह गलती कर बैठते है परन्तु इसके बाद आपकी नौकरी ख़त्म हो जाती है। और इस महामारी के समय दूसरी नौकरी मिलना तो दूर सोचना भी मुश्किल हो गया है। कम्पनी कइ बार आपको निष्कासित करने की धमकी भी देती है की इसके बाद आपको कोई दूसरी नौकरी भी नहीं मिलेगी। परन्तु यह सत्य नहीं है, क्योकि अगर कम्पनी आपको निष्कासित करती है तो उसको श्रम मंत्रालय द्वारा तय नियमो को पूरा करना होगा जिसमे कर्मचारियों को निष्कासित करने के बदले 3 महीने का वेतन जाता है। यह नियम सभी राज्यों के लिए अलग अलग हो सकते है। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे इसलिए कम्पनी अपने कर्मचारियों को किकालने के लिए हमेशा कर्मचारी पर दबाव बनती है की वह स्वयं अपना इस्तीफा दे ताकि इसके बाद आप उन पर कोइ कार्यवाही न कर सके। इसलिए भूल कर भी यह गलती न करें। जब भी आपकी कम्पनी आपको निकलने की धमकी दे तो उन्हें निष्कासन पत्र (Termination letter) की मांग करे। फिर हो सकता है की वह आपको निष्कासन पत्र न दे या उसके बाद भी अगर कम्पनी आपको निष्कासन पत्र दे देती है तो उस पर देखें की निकलने का उचित कारन मौजूद हो कियोकि आप उसको चुनौती तभी दे पाएंगे जब उस पर सही कारन मौजूद होगा। और हमेशा ध्यान रखें कभी भी भूल कर भी निष्कासन पत्र पर हस्ताक्षर न करें। ऐसी परिस्थिति में अधिकतर मामलों में पुलिस सीधे तौर पर आपकी सहायता नहीं करती। तो इसके लिए आपको नज़दीकी श्रम न्यायलय (Labour Court) में लिखित शिकायत करे। इसके लिए आपको सिर्फ 1 रु के पेपर की आवश्यकता होगी।
हम करेंगे आपकी मदद
इस महामारी की वजह से अधिकतर लोग अभी बेरोज़गार हो चुके है परन्तु जो अभी बचे हुए है हम उनसे अनुरोध करते हैं की अपनी कम्पनी का पूरा सहयोग करे। क्योकि आपकी नौकरी तभी तक सुरछित है जब तक आप की कंपनी का उद्योग सही होगा। इसलिए अपनी पूरी तत्परता से अपना कार्य करे। परन्तु फिर भी अगर लगता है की आपके अधिकारों का हनन हो रहा है या आपको बिना किसी वजह के निकला जा रहा है या आपकी सुनवाई नहीं हो रही है तो आप हमसे सम्पर्क कर सकते है आप हमें हमसे किसी तरह की सहायता के लिए कमेंट बॉक्स में लिखे या आप हमें yournewstvindia@gmail.com ईमेल भी कर सकते है। हमारी टीम आपकी सहयता का हर संभव प्रयास करेगी। फेसबुक पर हमारे ग्रुप से जुड़े
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